Friday, September 28, 2012

yaad hai!!!!


One day I was working at my office and as it was new office so was getting bore as well. With each passing moments I was missing my old office and office friends more and more. Then suddenly these words came out. Not sure to whom to dedicate this....


एक दिन की ये बात है
बड़ी ही खूबसूरत सी वो याद है 
हुआ था कुछ ऐसा उस दिन 
हर पल एक अजब सा एहसास अब मेरे साथ है 

एक दिन था वो जब देखा था मैंने दिन में रात को होते हुए 
चांदनी में बरसात को आते हुए 
कुछ थी कशिश तुम्हारी  आँखों की 
या फिर था वो कोई सपना ही 
देखा था मैंने दिन में भी तारों को छाते हुए 

दिल करता है की बिता दूँ उसी एक दिन के सहारे जिंदगी ,
मुस्कराता है कभी ये दिल उसी एहसास की याद से 
और करता है इंतज़ार कि वो बारिश हो जाए फिर कभी 


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